सतना चेप्टर में आप सबका स्वागत है ,यह ऐसे लोगो का असोसीएसन है जिसे वाणी दोष् तुतलाना हकलाना ,नाक से बोलना ,या अस्पस्ता आवाज की समस्या है , इस असोसीएसन का उदेश निम्न लिखित है
१- वाणी दोष् से पीड़ित लोगो की हर सम्भव मदत एवं जागरूपता प्रदान,करना
२- समाज और वाणी दोष् से पीड़ित लोगो के बीच मित्र भावः के सम्बन्ध बानाने में मदत करना
३- ऐसा पलट फॉर्म तैयार करना जिसमे सभी हकलाने वाले लोग आपनी बात, दुःख ,दर्द ,अनुभव ,आपस में बाटसके
Near santhom school satna road Maihar Distt Satna M.P. PH 09300273703,07674234392 >>>>>>>>>>For more detail ,PLease visit my site http://www.stammeringlife.com
Monday, July 13, 2009
Saturday, April 25, 2009
STAMMMERING = हकलाना हिन्दी
HOW TO STOP STAMMERING
हकलाना को स्वाविकार करना चाहिए ,मै कई वर्षो तक हकलाने वालो के साथ कार्य किया और पाया की ये लोग हकलाना को स्वाविकार नही करते है और हमेशा छुपाने की कोशिश करते है आपने आप से ,अपने दोषतो से ,अपने माता पिता से , यहाँ तक की हर किसी से ,मैभी इसी लाइन में चल रहा था , मुझे लगता था की यदि कोई मेरी हकलाहट को जान गया तो मेरी मजाक उडाएगा और मै आंखे नीचे करके बात करने लगा ,जितना ठीक करने का प्रयाश करता उतना मेरी हकलाहट बढरही थी मै आप को मेरी जीवन की कुछ घटनाये बताता हु |
०१-एक बार मुझे सतना से पटना रेलवे की परीक्षा देने जारहा था ,जैसे ही सतना रेलवे की टिकिट खिड़की में पंहुचा वैसे ही मेरी धड़कन तेज हो गई और मै लाइन में डरते हुआ खड़ा हुआ जब मेरा नंबर आया तब मै बोला पपपपपा ----------अपपप -------रुक गया ,पीछे वाले ने धक्का दिया मै लाइन के बहार हो गया | दूसरी बार फिर हिम्मत किया फिर पपपपपपपप ------अपपपप रुक गया उस के बाद टिकिट नही ले पाया , उस समय मै अपने आप को बहुत गाली दिया और नेगटिव बाते मन में आप चालू हुई
०२- अक्शर क्लास रूम में जब हिन्दी की क्लास होती थी तब मुझे खड़ा किया जाता था और बुक पढने के लिए सर बालते थे ,अब जब मै पड़ता तब ओठ ऐसे चिपकता जैसे गोद लगाकर चिपकाते है , कोई भी अक्षर बहार नही आता
तब सभी लड़के तली बजाते और बोलते सर गाड़ी आगे नही जाएगी ,गयर चेंज कीजिये और सर मेरी पिटाई करते , पिटाई का मतलब गयर चेंज हो गया |
हकलाना को स्वाविकार करना चाहिए ,मै कई वर्षो तक हकलाने वालो के साथ कार्य किया और पाया की ये लोग हकलाना को स्वाविकार नही करते है और हमेशा छुपाने की कोशिश करते है आपने आप से ,अपने दोषतो से ,अपने माता पिता से , यहाँ तक की हर किसी से ,मैभी इसी लाइन में चल रहा था , मुझे लगता था की यदि कोई मेरी हकलाहट को जान गया तो मेरी मजाक उडाएगा और मै आंखे नीचे करके बात करने लगा ,जितना ठीक करने का प्रयाश करता उतना मेरी हकलाहट बढरही थी मै आप को मेरी जीवन की कुछ घटनाये बताता हु |
०१-एक बार मुझे सतना से पटना रेलवे की परीक्षा देने जारहा था ,जैसे ही सतना रेलवे की टिकिट खिड़की में पंहुचा वैसे ही मेरी धड़कन तेज हो गई और मै लाइन में डरते हुआ खड़ा हुआ जब मेरा नंबर आया तब मै बोला पपपपपा ----------अपपप -------रुक गया ,पीछे वाले ने धक्का दिया मै लाइन के बहार हो गया | दूसरी बार फिर हिम्मत किया फिर पपपपपपपप ------अपपपप रुक गया उस के बाद टिकिट नही ले पाया , उस समय मै अपने आप को बहुत गाली दिया और नेगटिव बाते मन में आप चालू हुई
०२- अक्शर क्लास रूम में जब हिन्दी की क्लास होती थी तब मुझे खड़ा किया जाता था और बुक पढने के लिए सर बालते थे ,अब जब मै पड़ता तब ओठ ऐसे चिपकता जैसे गोद लगाकर चिपकाते है , कोई भी अक्षर बहार नही आता
तब सभी लड़के तली बजाते और बोलते सर गाड़ी आगे नही जाएगी ,गयर चेंज कीजिये और सर मेरी पिटाई करते , पिटाई का मतलब गयर चेंज हो गया |
Wednesday, April 22, 2009
हकलाना
हकलाना हमारे सामाजिक जीवन हमेशा कही न कही दिखाई पड़ता है हलने वाले लोग किसी कारन से सामान्य तौर से नही बोल पते है हकलाना आम तौर पर बचपन से ही प्रारम्भ होता है यह रोग किस कारन से होता है इसका अभी तक सही पता ही नही लगाया जा सका है ,कुछ सामान्य कारन है जिससे हकलाना अधिक देखा गया है
१- किसी हकलाने वाले की नक़ल करने से
२-किसी से डर डर कर अधिक समय तक रहने से
3-किसी लम्बी बीमारी ,एक्सीडेंट से
४- कमजोर आई क्यू से
५ बचपन में लंबे समय तक बच्चे का घर में अकेले रहने से
६- किसी हीनभावना के आजाने से
१- किसी हकलाने वाले की नक़ल करने से
२-किसी से डर डर कर अधिक समय तक रहने से
3-किसी लम्बी बीमारी ,एक्सीडेंट से
४- कमजोर आई क्यू से
५ बचपन में लंबे समय तक बच्चे का घर में अकेले रहने से
६- किसी हीनभावना के आजाने से
Monday, April 13, 2009
अपने आप को धोखा
मै अपने आप से २६ वर्ष तक यही कहता था
१- मेरे आलावा कोई नही हकलाता है
२- मेरे जीवन में हकलाना ही लिखा है
३- मै कई स्पीच थेरापिस्ट ,ई एन टी डॉक्टर को दिखा दिखा कर हार मान गया हु अब मेरी लाइफ बेकार है मै इसी प्रकार हकला हकला कर ,घुट घुट कर जिउगा ,हे भगवन कोई तो दवाई बताओ ,कुछ तो उपाय करो की मै ठीक हो जाऊ ,
४- हकलाना मेरा सबसे बड़ा दुसमन है यह इंटर वियु में फ़ैल करता है ,बात करने में प्रोब्लम पैदा करता है ,आँखों को मिला कर बात करने का आत्मा विश्वास तोड़ता है | ओंठ ,जीभ ,दन्त ,स्पीच ओरगन को हार्ड कर देता है | यदि मेरी हकलाहट ठीक होजयतो मै सारे कामो में सफल हो जाउगा |
५-बोलने के पहले ही मै हार मान लेता था, आपने आप से कहने लगता था की नही नही नही मै नही बोल पाउगा |
और मै नही बोल पता था
६- मेरी आंखे कभी अधिक खुल जाती , तो कभी बिल्कुल चिपक जाती ,कभी ओंठो में पेस्ट लग जाता और चिपक जाते ,तो कभी इतना खुल जाते की बंद ही नही होते मै बंद करने का प्रयास करता ओंठ और अधिक खुल जाते ,मै परेसान होता की कभी ओंठ चिपक जाते है तो कभी बंद ही नही होते , हे भगवन मुझे कोई तो रास्ता बताओ मेरे ओंठ सही ढंग से ओपन क्लोस हो सके प्ल्ज़ हेल्प में गोड़.........
७- प, फ ,ब, , म , ये अक्षर थे जो मेरे दुश्मन थे जब की प्र, ब्रा, क्र,त्र ,म्र ..... इसी प्रकार के अन्य अक्षर मेरे जानी दुसमन थे मेरा नम भी बी या वि से चालू होता था मै इतना डरता था की यदि कोई मेरा नाम पूछ ले वही सबसे बड़ा दुश्मन होता था हे भगवन इसके पास जारहा हु ,यह मेरा नाम ना पूछे तो मै कल एक नारियल अवश्य तोडुगा हे भगवन प्ल्ज़ नाम मत पुछ्वाना प्ल्ज़ प्ल्ज़ प्ल्ज़ ........|
८-पापा और अंकल से मै बहुत डरता था | मेरी लाइफ में इनके द्वारा बहुत प्रताड़ित किया गया ,मै यह तो आज भी नही जान सका की उनका इस प्रकार डाटना उचित था या अनुचित पर मेरे मन में दिमाग में आज भी इनका खौफ बैठ गया है | आज भी यदि ये लोग बुलाते है तो लगता है की कोई कोर्ट का जज बुला रहा है पता नही कौन सी सजा दे दे | मै आज भी भगवन से प्राथना करता हु की इनका सामना नही हो ,डर पापा अंकल से नही लगता ,इनके द्वारा किए गए पिछेले व्यव्हार से ,बातो से , लक्षण से डर लगता है
८-
१- मेरे आलावा कोई नही हकलाता है
२- मेरे जीवन में हकलाना ही लिखा है
३- मै कई स्पीच थेरापिस्ट ,ई एन टी डॉक्टर को दिखा दिखा कर हार मान गया हु अब मेरी लाइफ बेकार है मै इसी प्रकार हकला हकला कर ,घुट घुट कर जिउगा ,हे भगवन कोई तो दवाई बताओ ,कुछ तो उपाय करो की मै ठीक हो जाऊ ,
४- हकलाना मेरा सबसे बड़ा दुसमन है यह इंटर वियु में फ़ैल करता है ,बात करने में प्रोब्लम पैदा करता है ,आँखों को मिला कर बात करने का आत्मा विश्वास तोड़ता है | ओंठ ,जीभ ,दन्त ,स्पीच ओरगन को हार्ड कर देता है | यदि मेरी हकलाहट ठीक होजयतो मै सारे कामो में सफल हो जाउगा |
५-बोलने के पहले ही मै हार मान लेता था, आपने आप से कहने लगता था की नही नही नही मै नही बोल पाउगा |
और मै नही बोल पता था
६- मेरी आंखे कभी अधिक खुल जाती , तो कभी बिल्कुल चिपक जाती ,कभी ओंठो में पेस्ट लग जाता और चिपक जाते ,तो कभी इतना खुल जाते की बंद ही नही होते मै बंद करने का प्रयास करता ओंठ और अधिक खुल जाते ,मै परेसान होता की कभी ओंठ चिपक जाते है तो कभी बंद ही नही होते , हे भगवन मुझे कोई तो रास्ता बताओ मेरे ओंठ सही ढंग से ओपन क्लोस हो सके प्ल्ज़ हेल्प में गोड़.........
७- प, फ ,ब, , म , ये अक्षर थे जो मेरे दुश्मन थे जब की प्र, ब्रा, क्र,त्र ,म्र ..... इसी प्रकार के अन्य अक्षर मेरे जानी दुसमन थे मेरा नम भी बी या वि से चालू होता था मै इतना डरता था की यदि कोई मेरा नाम पूछ ले वही सबसे बड़ा दुश्मन होता था हे भगवन इसके पास जारहा हु ,यह मेरा नाम ना पूछे तो मै कल एक नारियल अवश्य तोडुगा हे भगवन प्ल्ज़ नाम मत पुछ्वाना प्ल्ज़ प्ल्ज़ प्ल्ज़ ........|
८-पापा और अंकल से मै बहुत डरता था | मेरी लाइफ में इनके द्वारा बहुत प्रताड़ित किया गया ,मै यह तो आज भी नही जान सका की उनका इस प्रकार डाटना उचित था या अनुचित पर मेरे मन में दिमाग में आज भी इनका खौफ बैठ गया है | आज भी यदि ये लोग बुलाते है तो लगता है की कोई कोर्ट का जज बुला रहा है पता नही कौन सी सजा दे दे | मै आज भी भगवन से प्राथना करता हु की इनका सामना नही हो ,डर पापा अंकल से नही लगता ,इनके द्वारा किए गए पिछेले व्यव्हार से ,बातो से , लक्षण से डर लगता है
८-
Friday, April 3, 2009
आई बी एन ७ मे हकलाना
दिनाक पॉँच अप्रेल2009दिन रविवार (समय रात्रि आठ जिंदगी लाइव के अंतर्गत) को हकलाहट को ठीक करने के लिए कौन कौन से तरीके है ,इसको कैसे ठीक करसकते है , इस पर टी बी चेनल "आई बी एन सात" पर एक प्रोगाम प्रसारित किया जा रहा है समस्त हकलाने वालो से मैअनुरोध करता हु की इसे अवश्य दिखिये और पयदा लीजिये
http://ibnlive.in.com/videos/video_streaming.php?type=ibn7
यहाँ से सीधे देख सकते है
आज दिनाक पॉँच अप्रैल २००९ को "आई बी एन ७ " टी वी चेन्नल पर हकलाना के बारे में दिखाया गया
इसे सारे भारत में ही नही बल्कि इन्टरनेट और सेट लाइट के द्वारा सारे वर्ल्ड ले लोग देखे ,मेरे पास बहुत सारे लोगो हकलाना के बारे में आपने आपने विचार भेजे है
सूरज स्टेमरिंग केयर सेंटर
संथोम स्कूल के पास सतना रोड
मैहर जिला सतना म .प्र
०७६७४२३४३९२ ,०९३००२७३७०३
http://ibnlive.in.com/videos/video_streaming.php?type=ibn7
यहाँ से सीधे देख सकते है
आज दिनाक पॉँच अप्रैल २००९ को "आई बी एन ७ " टी वी चेन्नल पर हकलाना के बारे में दिखाया गया
इसे सारे भारत में ही नही बल्कि इन्टरनेट और सेट लाइट के द्वारा सारे वर्ल्ड ले लोग देखे ,मेरे पास बहुत सारे लोगो हकलाना के बारे में आपने आपने विचार भेजे है
सूरज स्टेमरिंग केयर सेंटर
संथोम स्कूल के पास सतना रोड
मैहर जिला सतना म .प्र
०७६७४२३४३९२ ,०९३००२७३७०३
Monday, March 23, 2009
मैहर शहर
Jai Maa Sharda Maihar vali mata
मैहर शहर नेशनल हाई वे-"सात" से जुड़ा है ,माँ शारदा की नगरी है इस लिए मध्य प्रदेश शाशन ने इस शहर को पवित्र नगरी घोषित किया है ,रेल मार्ग से मुंबई > भुसावल > नासिक >खंडवा >इटारसी > जबलपुर >कटनी > मैहर < सतना< मानिकपुर< इलाहाबाद < वाराणसी मार्ग में स्थित है इलाहाबाद से २१२ किमी ,जबलपुर से १६०किमि ,सतना से ३६किमि ,भोपाल से ५५६ किमी डेल्ही से ७०० किमी है यह सतना जिला में है | राज्य मध्य प्रदेश है | यहाँ पर बहुत सीमेंट फैक्टरी है ,माँ सरदा का मदिर पहाड़ में बड़े ही रोचक ,सुंदर पवित्र बना है ,माँ शारदा के दर्शन के लिए पुरे भारत से लोग यहाँ आते है , इसके आस पास और अनेको मन्दिर है ,जैसे ओइला मदिर ,बड़ी माई,बाबा तालाब,बड़ा अखाडा ,गोला मैथ आदि ,यहाँ पर रेलवे स्टेशन है बहुत सी गाड़िया रूकती है जैसे
महागागरी ,पवन ,कशी ,मेल ,जनता ,महाकौशल ,रेवांचल ,शिप्रा ,पटना पुणे ,सारनाथ ,कामायनी ,जबलपुर -रेवा पसिंजर ,इटारसी -सतना ,बिलासपुर -जबलपुर , इटारसी -इलाहाबाद ,चित्रकूट एक्स प्रेस ,आदि ,
मैहर शहर नेशनल हाई वे-"सात" से जुड़ा है ,माँ शारदा की नगरी है इस लिए मध्य प्रदेश शाशन ने इस शहर को पवित्र नगरी घोषित किया है ,रेल मार्ग से मुंबई > भुसावल > नासिक >खंडवा >इटारसी > जबलपुर >कटनी > मैहर < सतना< मानिकपुर< इलाहाबाद < वाराणसी मार्ग में स्थित है इलाहाबाद से २१२ किमी ,जबलपुर से १६०किमि ,सतना से ३६किमि ,भोपाल से ५५६ किमी डेल्ही से ७०० किमी है यह सतना जिला में है | राज्य मध्य प्रदेश है | यहाँ पर बहुत सीमेंट फैक्टरी है ,माँ सरदा का मदिर पहाड़ में बड़े ही रोचक ,सुंदर पवित्र बना है ,माँ शारदा के दर्शन के लिए पुरे भारत से लोग यहाँ आते है , इसके आस पास और अनेको मन्दिर है ,जैसे ओइला मदिर ,बड़ी माई,बाबा तालाब,बड़ा अखाडा ,गोला मैथ आदि ,यहाँ पर रेलवे स्टेशन है बहुत सी गाड़िया रूकती है जैसे
महागागरी ,पवन ,कशी ,मेल ,जनता ,महाकौशल ,रेवांचल ,शिप्रा ,पटना पुणे ,सारनाथ ,कामायनी ,जबलपुर -रेवा पसिंजर ,इटारसी -सतना ,बिलासपुर -जबलपुर , इटारसी -इलाहाबाद ,चित्रकूट एक्स प्रेस ,आदि ,
Friday, December 26, 2008
हकलाने वाले बच्चो के पेरेंट्स
बच्चो में हकलाने के लिए जिस किस्म की मदद की आवश्यकता होती है वह प्रशिक्षित बिशेश्ग्य ही दे शकता ही लेकिन यदि माता पिता कुछ सावधानिया रखे तो काफी हद तक हकलाहट से मुक्ति पाईजा सकती है
१- यदि बच्चा अटक रहा है तो उसे दातेफटकार न करे बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुने और बच्चे को बोलने के लिए उत्साहित करे ,उसे बोलने के लिए पुरा मौका दीजिए ,उसकी बात स्वयं पुरी मत कीजिए ,
२- बच्चो को यह कभी मत बोलिए की " जल्दी बोलो " क्योकि जल्दी बोलना ही हकलाना है
३- एक समय में प्रतेक व्यक्ति एक ही अक्षर बोलता है , एक समय में ,एक साथ ,एक से अधिक अक्षर बोलना ही हकलाहट है
एक एक अक्षर पढ़े, जाने ग्रन्थ विचार
पेड़ पेड़ जो चालत है, पहुचत कोस हजार
४-
१- यदि बच्चा अटक रहा है तो उसे दातेफटकार न करे बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुने और बच्चे को बोलने के लिए उत्साहित करे ,उसे बोलने के लिए पुरा मौका दीजिए ,उसकी बात स्वयं पुरी मत कीजिए ,
२- बच्चो को यह कभी मत बोलिए की " जल्दी बोलो " क्योकि जल्दी बोलना ही हकलाना है
३- एक समय में प्रतेक व्यक्ति एक ही अक्षर बोलता है , एक समय में ,एक साथ ,एक से अधिक अक्षर बोलना ही हकलाहट है
एक एक अक्षर पढ़े, जाने ग्रन्थ विचार
पेड़ पेड़ जो चालत है, पहुचत कोस हजार
४-
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